मिट्टी में मेहनत करने वाले हर हाथ की गरिमा और अधिकार के लिए — जानिए भारतीय किसान मज़दूर उत्थान यूनियन के बारे में।
भारतीय किसान मज़दूर उत्थान यूनियन उन लाखों हाथों की साझी आवाज़ है, जो देश के खेत और कारखाने दोनों को अपने परिश्रम से जीवित रखते हैं।
यह एक गैर-राजनीतिक एवं सामाजिक संगठन है, जो केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को ग्रामीण क्षेत्रों और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कार्यशालाएं एवं बैठकें आयोजित करता है।
हमारा उद्देश्य भ्रष्टाचार मुक्त समाज का निर्माण करना और किसानों-मज़दूरों के साथ होने वाले किसी भी प्रकार के शोषण के विरुद्ध मजबूती से खड़ा होना है। हम गांव-गांव और जिले-जिले में किसानों और श्रमिकों को संगठित करते हैं, ताकि उनकी सामूहिक शक्ति नीति-निर्माण की मेज़ तक पहुंच सके।
हर किसान और मज़दूर को उसका उचित हक़, सम्मान और सुरक्षित भविष्य दिलाना — बिचौलियों और शोषण से मुक्त एक न्यायसंगत व्यवस्था के ज़रिए। हम नीति-निर्माण में उनकी सीधी भागीदारी सुनिश्चित करते हैं।
एक ऐसा भारत, जहां खेत जोतने वाले और मशीन चलाने वाले हाथों को समान गरिमा मिले — जहां भ्रष्टाचार और शोषण की जगह पारदर्शिता और साझी समृद्धि हो।
किसानों और मज़दूरों की साझी आवाज़ बनने के उद्देश्य से यूनियन की स्थापना हुई, पंजीकरण संख्या 67/23 के साथ।
यूनियन ने विभिन्न राज्यों और जिलों में अपनी इकाइयां स्थापित कर ज़मीनी स्तर पर संगठन को मजबूत किया।
आज यूनियन गांव की पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक किसानों और मज़दूरों का प्रतिनिधित्व करती है और उनके अधिकारों के लिए निरंतर संघर्षरत है।
* यह यात्रा एक नमूना संरचना है — कृपया वास्तविक तिथियों और घटनाओं से अपडेट करें।
जब तक हर किसान और मज़दूर को उसका हक़ नहीं मिलता, हमारी लड़ाई जारी रहेगी। यह यूनियन किसी एक व्यक्ति की नहीं — मिट्टी में मेहनत करने वाले हर हाथ की है।